भारतीय क्षात्त्र परम्परा - Part 81
अजेय सम्राट : छत्रसाल अतुलनीय शौर्य का एक और उदाहरण बुंदेलखंड का सम्राट छत्रसाल है। इसके कारण औरंगजेब तक भयभीत था। बुंदेलखंड का नाम उस क्षेत्र की देवी विंध्यवा...
अजेय सम्राट : छत्रसाल अतुलनीय शौर्य का एक और उदाहरण बुंदेलखंड का सम्राट छत्रसाल है। इसके कारण औरंगजेब तक भयभीत था। बुंदेलखंड का नाम उस क्षेत्र की देवी विंध्यवा...
राणा प्रतापसिंह की सफलता और उपलब्धियॉ उसकी नीतियों की योग्यता और प्रभाव को सिद्ध करती है। अपने बाहर वर्षों के सतत प्रयासों के पश्चात भी अकबर उससे कुछ भी छीन सकन...
महाराणा प्रतापसिंह : एक अद्वितीय योद्धा महाराणा प्रतापसिंह (महाराणा प्रताप) भारत के क्षात्र भाव के सबसे अधिक चमकीले हीरे है। वे उदयसिंह के तेईस (23) बच्चो में...
मेवाड़ के महा क्षत्रिय राजपूतों में संभवतः मेवाड़ का राजवंश श्रेष्ठतम है। मेवाड़ का केंद्र चित्रकूट (चित्तौड़) है। ऐसा प्रतीत होता है मानों एक बहुत बडे समतल भू...
मध्य भारतीय मुस्लिम साम्राज्य जैसे अहमदनगर, बरार, बीदर, गोलकुण्डा, बीजापुर, गुलबर्गा आदि सतत रूप से लड रहे थे जिसमें यदाकदा विजयनगर का राजा किसी भी एक मुस्लिम र...
भारतीय विद्या भवन द्वारा इतिहास के अनेक खण्ड ग्रंथ भारतीय इतिहास के सत्य को दर्शाने हेतु प्रकाशित हुए है। आर. सी. मजूमदार लिखते है - सम्पादक का यह प्र...
केरल के अधिकांश राजा या तो ब्राह्मण थे या क्षत्रिय थे। यद्यपि राजा सामुद्री, वास्को डी गामा की गतिविधियों और उसके आचरण के प्रति संदेह करते हुए चिंताग्रस्त हो गय...
अनेक अवसरों पर जब मुस्लिम सेना का पाशविक कृत्य अपने चरम पर था, भारत भूमि में साहसी वीर निरंतर रूप से होते रहे। एक मुस्लिम लेखाकार अल इद्रिसी कहता है – “भारतीय...
जिस समय सीमाक्षेत्र पर गुर्जर प्रतिहार के लोग, अरब देश के व्यापारियों द्वारा किये जा रहे अन्याय के विरुद्ध स्थानीय व्यापारियों के हित में अनवरत रूप से लड रहे थे...
महाभारत में दुर्योधन वध के पूर्व श्री कृष्ण युधिष्ठिर को समझाते है कि युद्ध में कपटी, चालाक तथा दुष्ट दुश्मन को उसी के तौर तरीकों से हराना आवश्यक हो जाता है[1]।...
जब तक भोज जीवित रहा, गजनी कुछ विशेष प्राप्त कर पाने में सफल नहीं हो सका किंतु भोज को अनेक सनातन धर्मियों ने ही मिलकर युद्ध भूमि में मार दिया। महमूद गजनी के बार...
जो महिलाए उनके लिए अप्राप्य थी जैसे कि रानी रूपमती, रानी जयवंती, रानी दुर्गावती तथा अन्य भी उन्हे बादशाहों की अतृप्त वासना की आग में जलना पड़ा। इस प्रकार के अने...