भारतीय क्षात्त्र परम्परा - Part 58
ह्वेनसांग के अनुसार शशांक ने गया में स्थित बोधि वृक्ष को कटवा दिया था तथा पास के मंदिर से बुद्ध की प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। किंतु इस संबंध में आर.सी. म...
ह्वेनसांग के अनुसार शशांक ने गया में स्थित बोधि वृक्ष को कटवा दिया था तथा पास के मंदिर से बुद्ध की प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। किंतु इस संबंध में आर.सी. म...
शौर्य काल पिछले कुछ समय में लिखे गये भारतीय इतिहास में अनेक घटनाओं तथा प्रकरणों को अवांछित रूप से सम्मान प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण बतलाया गया है। ऐसे अनेक विव...
अन्य राजपूत राजवंश गुर्जर चौलुक या चालुक्य वंश को सामान्य रुप से सोलंकी वंश के नाम स जाना जाता है। भीमदेव प्रथम (सन् 1022-64) अत्यधिक प्रसिद्ध था किंतु जब महमू...
चन्देलों की उपलब्धियां कालिंजर को राजधानी बनाकर बुंदेलखंड पर शासन करने वाले चंदेल मूलतः शूद्र थे। वे अपने शौर्य के कारण क्षत्रिय बन गये। चंदेलों में हर्षपुत्र...
आज हमें पाल राजवंश द्वारा निर्मित कोई भी बडा पूजा केन्द्र अथवा देवालय दिखाई नहीं देता इसका एकमात्र कारण बख्तियार खिलजी तथा उसी के समान अन्य मुस्लिम आक्रांताओं क...
अरब के यात्री सुलेमान अत्ताज़िर और अल मसूदी ने भोज की सेना की सदा युद्ध के लिए तैयार रहने वाले गुणों की तथा उसके राज्य की समृद्धि और बाहुल्य की मुक्तकंठ से प्रश...
योद्धा राजवंशों का साहसिक प्रतिरोधक युग यदि कोई साम्राज्य 220-250 वर्षों तक बना रह सकता है तो उसे एक सफल साम्राज्य कहा जा सकता है। आज के भारत के चार प्रदेशों क...
तीन बार कुब्ज विष्णुवर्धन ने अपने भाई पुलकेशी के विरुद्ध विद्रोह किया और तीनों ही बार पुलकेशी ने उसे क्षमा कर दिया। न तो वह अपने दुष्ट काका के प्रति आवश्यक कठोर...
समुद्री घाट क्षेत्र के अनेक शत्रुओं को पुलकेशी ने हराया। उसने अनेक राष्ट्रकूटों पर भी विजय प्राप्त की, उसने सातवाहनों को समाप्त किया, उसने पल्लव वंशी महेन्द्रवर...
हर दृष्टि से सनातन धर्म, बौद्ध धर्म की तुलना में श्रेष्ठ है। यह सनातन धर्म की श्रेष्ठता का ही प्रतिफल है कि उससे बौद्ध धर्म का जन्म हुआ किंतु बौद्ध धर्म में अपन...
भारतीय सम्राटों की साहित्यिक विद्वत्ता सम्राट शिलादित्य हर्षवर्धन के स्वयं के लेखन से यह ज्ञात होता है कि अपने जीवन के उत्तरार्ध के वर्षों में उसमें बौद्ध धर्म...
विदेशी यात्रियों के पूर्वाग्रह चीनी यात्री ह्वेन त्सांग, जिसे हर्षवर्धन का बड़ा सहयोग प्राप्त हुआ था, ने अपनी यात्रा गाथा में सम्राट की अत्यधिक प्रशंसा की है।...